किसी ने सच ही कहा है की कोई कम करो तो मन से करो वरना कोई आप से आगे निकल जायेगा . आगे न बी निकले तो समय निकल जायेगा ये जिन्दी का हुसूल है . अपने कुछ नै किया तो समय निकल जायेगा कुछ नै किया तो कोई आगे निकल जायेगा कुछ नै किया तो तुम पीछे छुट जोय्गे . अदिकतर ये फैमिलीज मै बहूत देकने को मिलता है कोई न कोई किसी न किसी तरीके से उसे कोसता ही रहता है . अगर या तो बो कोई पड़ी कर रहा है या वो कुछ बिज़नस कर रहा है . वो इंडिपेंडेंट जबी होगा जब उसके मन मै लगेगा वरना अप कितना बी कह लो कुछ नै होगा अगर हम उसकी जगहे होते तो हमें बी एसा ही लगता ये जिंदगी बोलो या आर कुछ आर बोलो केबल खुसिओ मै अची लगती है .वरना कहते है न दुःख मै तो कोई साथ नै देता पेसे होते है जब तक दुनिया अपनी लगती है आर नै हो तो परायी लगती है यहाँ पेसे वालो को को ही पूजा जाता है पता नै क्यों . पैर ये है जिंदगी का उसूल जो जिसके पास पैसा होता है उसको सब सहाब जी बोलते है आर जो गरीब उससे आचे से बत नै करते पता नै क्यों एसा होता है समाज मै आखिर गरीब बी तो इंसान होता है .
अगर कोई बी मेहनत करे आर एक कम मै लगे रहे तो सफलता तो उसे मिलनी मिलनी है फिर तो कोई बी नै रोक सकता .
